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कामख्या माता की साधना

नमस्कार में योगेश पारीक आपका स्वागत करता हु। आज में आपको बताऊंगा की भगवती कामख्या की साधना कैसे करे और कब करे । भगवती कामख्या माता का मंदिर गुवाहाटी असम में है ये मंदिर काम...

कौनसी तिथि को कौनसा कार्य करे और कौनसा वर्जित है।

हिन्दु धर्म मेंतिथियों के आधार पर मुहूर्त्त निकाले जाते हैंऔर उनके ही अनुसार विभिन्न धार्मिक कार्य किए जातेहैं. इसी कारण ज्योतिष में तिथियों का एक महत्वपूर्ण स्थान है. ...

कामख्या मंदिर (कामरूप)

कामाख्या मंदिरअसम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से ८ किलोमीटर दूर कामाख्या मे है। कामाख्या से भी १० किलोमीटर दूर नीलाचल पव॑त पर स्थित हॅ। यह मंदिर शक्ति की देवी सती क...

Jyotish Sikhe ज्योतिष सीखे अध्याय - 1 (learn astrology lesson -1 )

ज्योतिष सीखने की इच्छा अधिकतर लोगों में होती है। लेकिनउनके सामने समस्या यह होती है कि ज्योतिष की शुरूआत कहाँ से की जाये?कुछ जिज्ञासु मेहनत करके किसी ज्यातिषी को पढ़ाने के ...

एकादशी की चावल क्यों नही खाना चाहिए

आज एकादशी है। एकादशी वर्ष में 24 होती है। जिस वर्ष मलमास लगता है उस वर्ष इसकी संख्या बढ़ जाती है और कुल एकादशी 26 हो जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों एवं स्वरूपों का ध्यान करते हुए इनकी पूजा करनी चाहिए। सभी व्रतों में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। जो लोग किसी कारण से एकादशी व्रत नहीं कर पाते हैं उन्हें एकादशी के दिन खान-पान एवं व्यवहार में सात्विकता का पालन करना चाहिए। सात्विकता के पालन से अर्थ है एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस, मछली, अंडा नहीं खाएं और झूठ, ठगी, मैथुन का त्याग करके भगवान का स्मरण करें। इसलिए एकादशी में वर्जित है चावल खाना इन नियमों के अलावा एकादशी के दिन चावल खाना भी वर्जित कहा गया है। मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन चावल खाना अखाद्य पदार्थ अर्थात नहीं खाने योग्य पदार्थ खाने का फल प्रदान करता है। पौराणिक कथा के अनुसार माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने शरीर का त्याग कर दिया और उनका अंश पृथ्वी में समा गया। चावल और जौ के रूप में महर्षि मेधा उत्पन्न हुए इसलिए चावल ...

ऋण विमोचन गणपति स्तोत्र

ऋण मोचन महा गणपति स्तोत्र  लेखसाभार:गुरुत्वज्योतिषपत्रिका विनियोगः- ॐ अस्य श्रीऋण मोचन महा गणपति स्तोत्र मन्त्रस्य भगवान् शुक्राचार्य ऋषिः, ऋण-मोचन-गणपतिः देवता, मम-...

8/10/2014 को खग्रास चन्द्र ग्रहण

सभी को विशेष सुचना दिनांक 8/10/2014 को खग्रास चन्द्र ग्रहण रहेगा आश्विन शुक्ल पक्ष १५ बुधवार को प्रात: 5 बजकर ५० मिनट को सूतक लगेगा। दोपहर 2 बजकर 10 पर ग्रहण लगेगा ओर सांय६ बजकर १० मिनट ...

Shisha bheru nath stuti

(१) गणपति जी का ध्यान कर ध्यायु शारदा मात। गाऊ प्रार्थना भैरव कि जो है शीशा नाथ ।। (२) भैरव दीन दयाल प्रभु आप हमारे नाथ । जब जब आई विपदा आपने दिया है साथ।। (३) देवी पुत्र श्री भैरव, शिवशंकर अवतार । हनुमत् संग विराजते भद्रकाली के द्वार।। (४)शीशा आपको धाम है मन्दिर अति विशाल । शोभा अति सुहावनी दर्शन ली बलिहार ।। (५) नाथा रा थे नाथ हो भैरव दैव महान । दास आगयो शरण में रखल्यो अपने पास।। (६) भादव की तेरस न मेलो लगे विशाल।पैदल आवे यात्री पाव मन इंछा वरदान।। (७) बावन भैरु बतीस कुल  ध्यावे सकल संसार । मरुधर देश मे शीशा भवन बनाय।। (८) जो गावे भैरव महीमा मनईंछा फल पाय। योगेश ध्याव आपने पुरा किज्यो काज।।#Yogeshpareek18